आपको पीठ दर्द के बारे में क्या पता होना चाहिए?

पीठ दर्द से कैसे राहत पाएं?

पीठ दर्द क्या है?

पीठ दर्द वयस्कों के साथ-साथ किशोरों में भी चिंता का सबसे आम कारण है। यह असुविधाजनक हो सकता है और दैनिक गतिविधियों में बाधा उत्पन्न कर सकता है। यह लंबे समय तक बैठने, खराब मुद्रा, बिना एहतियात लिए भारी वजन उठाने या चोट के परिणामस्वरूप हो सकता है। उम्र भी एक अहम कारक है। पीठ या डिजेरेटिव डिस्क के कमजोर होने के कारण उम्र बढ़ने के साथ पीठ में दर्द होने लगता है। पीठ दर्द खुद ही किसी समस्या या किसी अन्य बीमारी का लक्षण हो सकता है। इसके इलाज हेतु दर्द की पहचान करना महत्वपूर्ण है।

पीठ दर्द किस कारण होता है?

पीठ के दर्द के कई कारण हैं। पीठ नसों, लिगमेंट्स, मांसपेशियों और हड्डियों से बना है। वे हमारे शरीर को सहायता प्रदान करने और आस-पास घूमने-फिरने में हमारी मदद करते हैं। इनमें से किसी में भी कोई समस्‍या होने पर पीठ दर्द हो सकता है। विशेषज्ञों द्वारा पहचाने गए पीठ दर्द के सबसे आम कारण हैं-

खिंचाव

पीठ या इसके किसी भी भाग पर तनाव एहतियात के बिना कोई भारी वजन उठाने या अचानक या अजीब तरीके से झुकने या इधर-उधर घुमने के परिणामस्वरूप हो सकता है। यह निम्‍न के कारण हो सकता है-

  1. मांसपेशियों में खिंचाव या लिग्‍मेंट्स में तनाव
  2. मांसपेशियों में ऐंठन या तनाव
  3. चोटिल या खराब डिस्‍क
  4. चोट

संरचना संबंधी समस्‍याएं

टूटी हुई या उभरी हुई डिस

हमारी रीढ़ डिस्‍कों के साथ आपस में जुड़ी वर्टिब्र (कशेरूका) से बनी है जोकि कुशन के रूप में काम करने वाले ऊतक (टीशू) के क्षेत्र हैं। इन डिस्‍कों में उम्र के साथ या चोट लगने के कारण सूजन, चोट या हर्नियेट हो सकता है और यहां तक कि ये टूट भी सकते हैं। इसके कारण आस-पास के नसों पर दबाव पड़ता है और इसके कारण पीठ दर्द हो सकता है।  

साइटिका

यह हर्नियेटेड डिस्‍क या उभरे हुए डिस्‍क पर दबाव के कारण हो सकता है। पीठ के निचले भाग में तेज दर्द हो सकता है जोकि नितंब से होकर पैर के पिछले भाग तक जाता है।

गठिया

ऑस्टियोआर्थराइटिस बुजुर्गों में पीठ के निचले हिस्से में दर्द का एक प्रमुख कारण है।

असमान्‍य रूप से रीढ़ का टेढ़ापन

रीढ़ का असमान्‍य रूप से टेढ़ा होना अक्सर पीठ दर्द का कारण बन सकती है। यह लंबे समय तक बैठे रहने और गलत मुद्रा के साथ अन्‍य कारणों से हो सकती है।

ऑस्टियोपोरोसिस

उम्र के साथ रीढ़ का जोड़ कमजोर होने लगता है। इसके कारण ऑस्टियोपोरोसिस होता है। यह पीठ दर्द के कई कारणों में से एक है।

किडनी की समस्‍याएं

किडनी में पत्‍थरी या संक्रमण के कारण में पीठ दर्द हो सकता है।

मुद्रा और अचानक हरकत

खराब मुद्रा या अचानक हरकत जैसे कि घुमने, खांसने, छींकन और जरूरत से अधिक स्‍ट्रेच करने के कारण भी प्राय: पीठ में दर्द हो सकता है। इसके अतिरिक्‍त, अजीब तरीके से झुकने, किसी चीज को गलत तरीके से उठाने, गर्दन को आगे की तरफ तानने, बिना किसी सपोर्ट के लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने या गलत तरीके से सोने के कारण आपके पीठ या पीठ में दर्द हो सकता है।  

अन्‍य कारण

पीठ दर्द के कई अन्य दुर्लभ कारण हैं जिनका निदान केवल आपके डॉक्टर द्वारा किया जा सकता है। कुछ संभावित दोषी हैं-

  1. अपक्षयी स्पोंडिलोलिस्थीसिस, जिसमें एक कशेरुक दूसरे पर चढ़ जाता है
  2. कॉडा इक्विना सिंड्रोम, यह तब होता है जब रीढ़ की हड्डी के नीचे की नसें काम करना कम करने लगती हैं।
  3. रीढ़ में संक्रमण के कारण पीठ दर्द के साथ बुखार हो सकता है। असमान्‍य मामलों में, यह ट्यूमर हो सकता है जो कि आपके रीढ़ की हड्डी के नसों पर दबाव डालता है और इसके कारण पीठ दर्द हो सकता है।
  4. अन्‍य संक्रमण जैसे कि पैल्विक रोग, ब्‍लैडर और किडनी संक्रमण के कारण भी पीठ दर्द हो सकता है।
  5. नींद संबंधी विकार वाले लोग भी पीठ दर्द से परेशान हो सकते हैं।

पीठ दर्द के लक्षण:

पीठ दर्द के लक्षण हल्‍के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं।

  • इसका मुख्‍य लक्षण पीठ के निचले हिस्‍से में हल्‍का-हल्‍का दर्द होना है जो समय के साथ नितंबों की ओर जाता है।
  • तीक्ष्‍ण या तेज दर्द जो आपके नितंबों से पैरों की ओर जाता है।
  • सीधा खड़ा नहीं हो पाना
  • पीठ का कम मुड़ पाना और मुड़ने पर दर्द होना

अगर मांसपेशी में तनाव या खिंचाव के कारण दर्द है तो वह थोड़े समय तक रहता है और खुद ही खत्‍म हो जाता है। मूव जैसे क्रीम लगाने से दर्द धीरे-धीरे कम हो सकता है।

हालांकि, जब लक्षण समय के साथ समाप्‍त नहीं हो रहें हों तो यह सलाह दी जाती है कि डॉक्‍टर को दिखा लें।

अगर पीठ दर्द के साथ निम्‍नलिखित लक्षण हों तो इसका मतलब है कि लक्षण गंभीर हैं

  • वजन घटना
  • बुखार
  • पीठ में सूजन
  • घुटनों के नीचे दर्द जाना
  • पेशाब करते समय दर्द होना
  • शौच पर नियंत्रण समाप्‍त हो जाना
  • गुप्‍तागों या नितंबों के आसपास सुन्‍न हो जाना

पीठ दर्द का इलाज:

कारण का पता लगाने के बाद पीठ दर्द का इलाज किया जा सकता है।

अगर पीठ दर्द हल्‍का है तो इसे एंटी-इनफ्लेमेटरी दवाओं, पेन किलर (दर्द निवारक दवाएं) जैसी दवाओं और उस जगह पर क्रीम और स्‍प्रे लगाकर समाप्‍त किया जा सकता है। आप दर्द को कम करने के लिए प्रभावित हिस्‍से पर गर्म या ठंडी सेक का भी उपयोग कर सकते हैं। पर्याप्‍त आराम लें। हालांकि, ध्‍यान से हरकत करने से भी अकड़न को कम करने और मांसपेशियों को हल्‍का करने में मदद मिल सकती है।

चिकित्‍सा उपचार

यदि आपकी पीठ दर्द कम नहीं होती है तो आपको डॉक्‍टर को दिखाना चाहिए। पूरी तरह जांच के बाद डॉक्‍टर आपको दवा या फिजियोथेरेपी या दोनों की सलाह दे सकते हैं।

दवा

Moov STRONG जिसमें डाईक्लोफेनाक होता हैजोकि डॉक्टरी की पहली पसंद हैइसमें मौजूद सक्रिय सामग्री आपको तेज दर्द से तुरंत राहत में मदद करता है। इसमें 3 सक्रिय सामग्रियां हैं - डिक्लोफेनाक डाइटाइलमाइनमिथाइल सैलिसिलेट और मेन्थॉल सामयिक जेल जो कारगर तरीके से आपकी मांसपेशियों को आराम पहुंचाने में मदद करता है।

शारीरिक चिकित्सा

गर्म या ठंडा सेक देने या  मांसपेशी को आराम देने वाले तकनीक दर्द से राहत देने में मदद सकते हैं। उसके बाद फीजियोथेरेपिसट आपके को मूजबूती देने और उसे लचीला बनाने वाले कुछ व्‍यायाम बता सकते हैं। आपको दर्द कम हो जाने के बद भी इन व्‍यायाम को चालू रखने की सलाह दी जा सकती है।

अन्‍य विकल्‍प

  • अगर रीढ़ की हड्डी वाले भाग में आपको पीठ दर्द हो रहा है तो रीढ़ की हड्डी के आसपास एपीडर्मल टीशू में आपको कोर्टिशोन इजेंक्‍शन दिए जा सकते हैं। यह एक एंटी-इनफ्लामेटरी दवा है जो दर्द वाले हिस्‍से को सुन्‍न कर देता है।
  • सोचने के नए पैटर्न को प्रोत्‍साहित कर कॉग्‍नेटिव बिहेवेरियल थेरेपी (संज्ञानत्‍मक व्‍यवहार थेरेपी) या सीबीटी कुछ मामलों में मदद कर कसते हैं। यह आपको सकारात्‍मक रवैया बनाए रखकर प्रोत्‍साहित होने के साथ आराम करने में मदद करती है।

पीठ दर्द से कैसे बचें?

आप इन सरल सुझावों का पालन करके पीठ दर्द को रोक सकते हैं।

कम वजन उठाएं।

अधिकतर समय, आपके पीठ का दर्द का दोषी आपका बैग या ब्रीफकेस होता है। हम दिन भर भारी ब्रीफकेस लेकर चलते रहते हैं। इससे हमारी गदर्न और रीढ़ पर दबाव पड़ता है और इसके कारण पीठ दर्द हो सकता है। एक समाधान यह है कि हम बैकपेक्‍स लेकर चलें और पट्टियों को इस तरह से ठीक करें कि भार बराबर हिस्‍सों में बंटे या फिर पहियों वाले बैकपेक इस्‍तेामल करे जो आपके बैक का पूरा भार उठा सकता है।

सही मुद्रा बनाए रखें

कुर्सी पर फिसलकर या झुककर बैठने से आपके रीढ़ और गले पर तनाव पड़ सकता है और इसके कारण पीठ दर्द होता है। सही तरीके से बैठें या खड़े हों। अपनी मुद्रा को सही बनाए रखना अभ्‍यास के साथ आता है। जब भी आपको लगे कि आप झुक कर या फिसल कर बैठे हैं तो अपनी मुद्रा को ठीक करने की कोशिश करें।

अपने महत्‍वपूर्ण हिस्‍से को मजबूत बनाएं

पेट और पीठ की मांसपेशियां वे हैं जो हमें सीधा रखने के साथ-साथ रोज के कार्यों में हमारी सहायता करने के लिए जिम्‍मेदार होते हैं। इन मांसपेशियों को मजबूत कर हम अपने पीठ के तनावग्रस्‍त होने और नुकसान पहूंचने की संभावनाओं को कम करते हैं। अपने मुख्‍य हिस्‍सों पर केंद्रित अभ्‍यास अपने समय के मुताबिक कम से कम सप्‍ताह में दो बार करें।

सही जूता पहनें

सही साइज और आरामदायक जूते पहनना बहुत ही महत्‍वपूर्ण होता है। लंबे समय तक हाई हील पहनने से पीठ या कमर में दर्द हो सकता है। इसलिए आपको कम ऊंचाई वाले आरामदायक जूते खरीदने चाहिए जो आपके लिए सही हों।

समय-समय पर स्‍ट्रेच करें

आपकी दिनचर्या के कारण आपकी मांसपेशियां सख्त हो सकती हैं और आपको तनाव होने की संभावना अधिक होती है। उठकर इन मांसपेशियों को स्‍ट्रेच करने से रक्‍त संचरण में मदद मिलती है और उन्‍हें आराम मिलता है और पीठ के निचले हिस्‍से में दर्द की संभावना भी कम होती है।